Monday, 8 April 2013

Set it free, Forgive, Forget, Be a man ....yadayadayada!!!


माफी की तरफ्दारियों से
बस इतना दरखास्त साकी
किसी को दिल पूरी भरें
फिर माफी की झाडू चलायें

तब जाके बताये
हाँ सिर्फ तब जाके बताये
समसान सूनी की बॉस
बदबू थी या चन्दन

माफी हुयी तो पतंग उडी 
कैसे इन पगलों को समझाए
मांजे से जो कटी
सिर्फ उंगली नहीं थी साकी।

Silent, you bastards.

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