Monday, 24 January 2011

तजुर्बे का ज्ञान!

हां कबूल है झोली भर अमीरी 
दर ब दर तर्जुबे-ज्ञान जो मिली
मिलाकते इश्क में जो खोते 
बे दुनिया गरीबी भा जाती  साकी.


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